सितारगंज। केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी जरनैल सिंह के शौच के बहाने चकमा देकर फरार होने के मामले में कमान अधिकारी और बंदी रक्षक पर गाज गिरी है। आईजी कारागार ने दोनों बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि उपनल सुरक्षा कर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इधर फरार कैदी की खोज में लगीं पुलिस टीम के हाथ छह दिन बाद भी खाली हैं।
17 अगस्त को केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहा बिचई गांव निवासी कैदी जरनैल सिंह दस कैदियों की कमान के साथ खेत में निराई करने गया था। सुबह करीब 11 बजे कैदी जरनैल सिंह शौच का बहाना कर कमान अधिकारी, बंदी रक्षक और उपनल सुरक्षा कर्मी को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद जेल प्रशासन में अफरातफरी मच गई। पुलिस और जेल कर्मियों ने सर्च अभियान चलाकर कैदी की तलाश की। जंगल में भी कांबिंग अभियान चलाया लेकिन फरार कैदी का कहीं कोई पता नहीं चल पाया था।
जेल अधीक्षक अनुराग मलिक ने पुलिस को तहरीर देकर फरार कैदी जरनैल सिंह, प्रधान बंदीरक्षक राज बहादुर सैनी, बंदी रक्षक अमरजीत सिंह, उपनल सुरक्षा कर्मी नरेश सिंह कार्की के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कैदी के फरार होने में लापरवाही की जांच बैठाई गई थी। जेल अधीक्षक मलिक ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी थी। आईजी कारागार विमला गुंज्याल ने दोनों बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि उपनल सुरक्षा कर्मी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।