रुद्रपुर। शहर की कोतवाली और ट्रांजिट कैंप थाने की समीक्षा करने के लिए पहुंचे आईजी ने धोखाधड़ी के मामलों को लंबित रखने वाले दो दरोगा को लाइन हाजिर और एक दरोगा को निलंबित किया। ड्यूटी में लापरवाही करने पर दो दरोगाओं के खिलाफ जांच शुरू कर दी। ट्रांजिट कैंप थाने में 92 शिकायती पत्र लंबित मिले। विवेचकों का पर्यवेक्षण न करने पर उन्होंने एसपी क्राइम और सीओ सिटी पर नाराजगी जताई और साथ ही रोजाना पांच विवेचकों के पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया।
मंगलवार को पुलिस लाइन पहुंच कर आईजी नीलेश आनंद भरणे ने ट्रांजिट कैंप और कोतवाली थाने की समीक्षा की। कोतवाली में तैनात एसआई जयप्रकाश के पास 21 अभियोग लंबित मिलने और एक माह से अनुपस्थित होने के कारण उनको निलंबित कर दिया। एसआई अनुराग सिंह को 12 संदिग्धों को वांछित न करने और ट्रांजिट कैंप थाने के एसआई विकास रावत को बलवे की चार्जशीट पेश न करने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया।
एसआई अशोक फर्त्याल पर अभियोग लंबित रखने और पंकज बेलवाल पर अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने के आरोप में उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है। ट्रांजिट कैंप थाने के लंबित प्रार्थना पत्रों को तीन दिन निस्तारित करने का निर्देश दिया है। आईजी भरणे ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।