काशीपुर। अदालत ने जैसे ही हत्या के आरोपियों को सजा सुनाई एक ने पलक झपकते ही जेब से जहरीली गोली निकाल कर मुंह में डाल ली। यह देख पुलिस ने देरी किए बिना उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया। देर शाम उसे रेफर कर दिया गया। एडीजे शंकर राज की अदालत में ग्राम गुलड़िया निवासी मुख्तयार, उसकी पत्नी सरबरी बेगम, पुत्र आलिम और समद मुल्जिमों के कठघरे में खड़े थे। चारों पर वर्ष 2010 मेें फिरोज नामक युवक की हत्या कर शव छिपाने का आरोप था। मुख्तयार को छोड़ सभी जमानत पर थे। शनिवार को अदालत फैसला सुनाने जा रही थी। इसलिए चारों को पहले ही पुलिस कस्टडी में लिया गया। अदालत ने मुख्तयार, आलिम को आजीवन कारावास, 20-20 हजार रुपए जुर्माना जबकि समद को चार साल की सजा, पांच हजार रुपए जुर्माना और सरवरी बेगम को तीन साल की सजा, पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनते ही आलिम ने जेब से कोई जहरीली गोली निकाल कर मुंह में डाल ली। यह देख वहां खड़े पुलिस कर्मियों ने तुरंत उसके मुंह से उसे निकालने का प्रयास किया परंतु वह तब तक उसे निगल चुका था। उधर, सूचना मिलते ही कोतवाल बहादुर सिंह चौहान, एसएसआई रविंद्र कुमार, आईटीआई चौकी प्रभारी रमेश तनवार युवक को लेकर सरकारी अस्पताल गए और भर्ती कराया। बाद में उसे वहां से रेफर कर दिया गया। युवक के भाई समद ने बताया कि वह और उसका भाई आलिम, माता सरवरी जमानत पर थे। फैसले के दिन सभी अदालत में गए थे आलिम चोरी से कोई जहरीली दवा ले गया जिसे फैसला सुनते ही उसने मुंह में डाल लिया। अभियुक्त आलिम ने दवा खाकर आत्महत्या का प्रयास किया है अभी उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद जांच की जाएगी। जांच के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है।
धीरेंद्र कुमार, एसएसआई