हादसे रोकने के इंतजाम हो रहे हैं नाकाफी
तुहिन शर्मा
रुद्रपुर। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले दो सालों से सड़क हादसों के आंकड़ों में गिरावट नहीं हुई है बल्कि हादसे और भी अधिक हो गए हैं। जनवरी में 35 सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें 21 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 28 लोग घायल हुए हैं। वहीं पुलिस और परिवहन विभाग के जरिए हादसे रोकने के लिए हो रहे प्रयास नाकाम हो रहे हैं।
जिले में 17 थानों के बीच 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके अलावा परिवहन विभाग भी चेकिंग अभियान चलाया करता है। लेकिन सड़क हादसों कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सबसे अधिक हादसे रुद्रपुर थाना क्षेत्र में पाए गए हैं। इसके बाद ट्रांजिट कैंप, पंतनगर और बाजपुर, काशीपुर और कुंडा क्षेत्र सबसे अधिक हादसे होते नजर आ रहे हैं। जबकि शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए सीपीयू और यातायात पुलिस की अलग से व्यवस्था है। इसके बावजूद सड़क हादसों में लगाम नहीं लग पा रही है। संवाद
एक साल में आठ लोगों को मिली तोषण निधि
रुद्रपुर। अज्ञात वाहन की टक्कर से होने वालों को डीएम की तरफ से तोषण निधि दी जाती है। वर्ष 2022 में सिर्फ आठ लोगों को 1.50 लाख रुपये मिले हैं। वहीं सड़क दुर्घटना राहत निधि की बात करे तो वर्ष 2020 में तीन मृतकों को तीन लाख रुपये की राशि मिली और 18 घायलों को 4,20,000 रुपये की राशि मिली है। जबकि 2021 में सड़क दुर्घटना राहत निधि लोगों को नहीं दी गई। इसके अलावा 2022 में 17 मृतकों को 17 लाख रुपये व दो घायलों को 80,000 रुपये की राशि दी गई है। वहीं अब तक जनवरी में राशि को बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है। एक मृतक को दो लाख रुपये व एक घायल को 40 हजार रुपये की राशि दी जा चुकी है। संवाद
रिपोर्ट के आधार पर मिलती है तोषण निधि
रुद्रपुर। सीओ ट्रैफिक तपेश चंद ने बताया कि अज्ञात वाहन से टक्कर होने के मामलों की विवेचना की जाती है। विवेचना के दौरान यदि हादसा करने वाला वाहन ट्रेस नहीं होता है तो मोटर एक्सीटेंड्स क्लेमस ट्रिब्यूनल के जरिए ई डार पोर्टल में प्रभावित परिजन से फार्म भरवाया जाता है। इसकी रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट को भेजी जाती है। जिला मजिस्ट्रेट से तोषण निधि की स्वीकृति मिलने के बाद प्रभावितों को दी जाती है। संवाद
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जिले में सड़क हादसे रोकने के लिए रोजाना चालानी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर उसको सुधारने के लिए एनएच व लोनिवि को रिपोर्ट भेजी गई है। वहीं गति नियंत्रण बोर्ड भी लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। - चंद्रशेखर आर घोड़के, एसपी क्राइम/यातायात।