जिले के 145 संस्थानों में से 123 प्रधानाचार्य और 118 आईएनओ का अब तक हो चुका सत्यापन
रुद्रपुर। देश के कई संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में हुए घोटाले के चलते केंद्र सरकार की ओर से पूरे देशभर में विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रोक दी गई है। इसके चलते जिले के 3232 विद्यार्थियों समेत प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों की 2022-23 की छात्रवृत्ति रुकी हुई है। अब संस्थानों की जांच के बाद ही विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
देशभर के 100 जिलों में की गई जांच में कई राज्यों में फर्जी लाभार्थी, कागजी संस्थान और फर्जी नामों से बैंक खाते सामने आए हैं। कई संस्थान सिर्फ कागजों में चलते पाए गए हैं, इससे करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। इसको देखते हुए सभी जगह संस्थानों के प्रधानाचार्यों व आईएनओ (इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर) का सत्यापन किया जा रहा है। जिले में कक्षा नौ से उच्च शिक्षा लेने वाले अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के कुल 145 संस्थान है। इसमें से 123 एचओडी व प्रधानाचार्यों का सत्यापन हो चुका है। अल्पसंख्यक विभाग को 28 अगस्त तक इनका सत्यापन करना है। वहीं राज्य सरकार की ओर से सत्यापित 3232 विद्यार्थियों में से अब तक 194 विद्यार्थियों का सत्यापन हो चुका है।
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारी अमन अनिरुद्ध ने बताया कि देशभर में अल्पसंख्यकों की छात्रवृत्ति रुकी है। वर्ष 2022-23 के 3232 विद्यार्थियों में से अब तक 194 का ही सत्यापन हुआ है। बताया कि केंद्र सरकार की ओर से सत्यापन करने की अंतिम तिथि फिलहाल 28 अगस्त तक है। छात्रवृत्ति लेने वाले विद्यार्थियों को सत्यापन कराना जरूरी है। उसके बाद ही सरकार की ओर से विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति दी जाएगी।