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Uk: प्रेरक पहल...बच्चों की बगिया में रोपे बदलाव के पौधे, एएन झा इंटर कॉलेज के दो एकड़ जमीन में 300 पौधे लगाए

Fri, 09 Jan 2026 03:28 PM IST
गायत्री जोशी शुभम श्रीवास्तव

सार

रुद्रपुर के एएन झा इंटर कॉलेज परिसर में अब आम, लीची और अमरूद आदि फल नजर आएंगे। बीते दिनों यहां दो एकड़ में करीब 300 पौधे लगाए गए हैं।।
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रुद्रपुर के एएनझा इंटर काॅलेज में खाली मैदान में लगाए फलों के पौधे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रुद्रपुर के एएन झा इंटर कॉलेज परिसर में अब आम, लीची और अमरूद आदि फल नजर आएंगे। बीते दिनों यहां दो एकड़ में करीब 300 पौधे लगाए गए हैं। अब विद्यार्थियों को बिना रसायन वाले पौष्टिक फल मिलेंगे और वह फल उत्पादन का ज्ञान लेकर बागवानी कर सकेंगे।

सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही एक बार जेहन में बिगड़े हालात और दुर्दशा के शिकार विद्यालयों की तस्वीर उभरती है लेकिन पिछले ढाई साल में एक प्रधानाचार्य ने अपनी शिक्षकों की टीम के साथ स्कूल में कई बदलाव किए और बच्चों को जीवन में आने वाली परेशानियों से निकलने का जज्बा सिखाया।

उन्होंने टीम के साथ शिक्षण व्यवस्था में अपने स्टूडेंट टाइम टेबल एट होम हो या अपने वेतन से रामायण और चौपाई लिखे हुए फलैक्सी लगवाने जैसे नवाचारों के साथ स्कूल में पर्यावरण संरक्षण व भौतिक कार्यों के विकास की एक अनूठी मिसाल पेश की है।

पिछले आठ दिनों से स्कूलों में शीतावकाश है। ऐसे में स्कूल के प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा ने खाली समय का सदुपयोग कर स्कूल में आम, अमरूद और लीची के 300 पौधे रोपे हैं। यह कार्य उन्होंने ग्रीनरी फाउंडेशन के सहयोग से किया है। नियमित रूप से उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी ली है। छह माह पहले भी उन्होंने विद्यालय भवन के पीछे की ओर खाली पड़े मैदान में 1400 पौधे रोपे थे जिनमें 800 पौधे आम, 250 आंवला और 250 पौधे अमरूद के थे। अब पौधों की अधिकता से पूरा स्कूल परिसर बगीचे का सा अहसास कराता है।

तीन कतार में बनाया गया उद्यान

प्रधानाचार्य दयाशंकर शर्मा के साथ शिक्षकों की मेहनत से स्कूल में विकसित किया गया उद्यान तीन कतारों में बनाया गया है। इसमें 200 पौधे आम, 50 अमरूद और 50 पौधे लीची के लगाए गए हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने पौधे रोपने के लिए सीईओ को प्रस्ताव भेजा था और उन्होंने निरीक्षण के बाद अपनी सहमति दे दी थी जिसके बाद फलदार पौधे रोपे गए।

प्रधानाचार्य ने इसके लिए प्रस्ताव दिया था। अच्छी पहल हाेने के चलते उन्हें संस्तुति प्रदान की। पर्यावरण संरक्षण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। - केएस रावत, सीईओ

 

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