जसपुर। गुड्स एंड सर्विस टैक्स की 23 टीमों ने नगर में 28 व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापा मारकर करोड़ों की जीएसटी चोरी पकड़ी। एटीएम, चेकबुक सहित तमाम सामान अपने कब्जे में लिया और पांच दुकानों को सील कर दिया। कार्रवाई से दिन भर व्यापारी दहशत में रहे। कई व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर सड़कों पर टहलते देखे गए। उधर, उद्योग व्यापार मंडल और लकड़ी व्यापार कल्याण समिति के सदस्यों ने व्यापारियों को विश्वास में नहीं लिए जाने का आरोप लगाकर विरोध किया।
शनिवार को जीएसटी की टीम के सदस्यों ने सुभाष चौक लकड़ी मंडी आदि स्थानों पर छापा मारकर व्यापारियों के अभिलेखों की जांच की। छापामारी से व्यापारियों में दहशत का माहौल रहा। जीएसटी दलों की छापामारी की सूचना मिलते ही व्यापारियों ने शटर गिराकर अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और सड़कों पर टहलने लगे। पूरे दिन सायरन बजानी गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती रहीं। छापामारी से नगर में तरह-तरह की चर्चा रही। जीएसटी अधिकारी की सूचना पर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर फरार हुए व्यापारियों की पांच दुकानों को सील कर दिया। छापामारी की भनक लगते ही उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरुण गहलोत ने व्यापारियों के साथ छापामारी स्थल पहुंचकर जीएसटी दलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि छापामारी करने से पहले व्यापारियों को विश्वास में लेना चाहिए था। इस अवसर पर राजाराम राजपूत, तरुण बंसल, नासिर अली, महफूज अली, अर्पित रस्तोगी, राहुल अग्रवाल, चेतन बंसल आदि उपस्थित रहे।
छापा मारने से पहले दुकानों की रेकी की आशंका
जसपुर। व्यापारियों का अनुमान है कि जीएसटी अधिकारियों ने छापामारी से पहले व्यापारियों के प्रतिष्ठानों की रेकी की होगी। प्रतिष्ठानों को चिह्नित करने के बाद छापामारी की गई। अधिकारियों की छापामारी इतनी सटीक थी कि उन्होंने व्यापारियों के प्रतिष्ठानों की कहीं कोई जानकारी नहीं ली और चिह्नित स्थानों पर पहुंचकर छापामारी की, जिससे व्यापारी सकते में आ गए।