रुद्रपुर में विशेष पॉक्सो कोर्ट संगीता आर्य ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
12 अप्रैल 2019 को ट्रांजिट कैंप कोतवाली निवासी एक किशोरी अपनी मां के साथ अस्पताल से दवा लेकर घर लौट रही थी। आरोप था कि इसी दौरान किच्छा का बंगाली कॉलोनी निवासी गुड्डू उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी किशोरी को दिल्ली होते हुए गुजरात के सूरत ले गया। वहां उसने किशोरी को अपने कब्जे में रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
सितंबर 2019 में पुलिस टीम ने सूरत में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के बाद किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया। पुलिस ने आरोपी और बच्चे के डीएनए नमूने लेकर एफएसएल देहरादून भेजे। जांच में दोनों का जैविक संबंध सामने आया। अभियोजन ने इसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में अदालत के समक्ष रखा। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 आईपीसी में 10 वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये और धारा 363 आईपीसी में सात वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए राज्य की पीड़ित सहायता योजना के तहत एक लाख रुपये प्रतिकर देने के आदेश दिए हैं। साथ ही जुर्माने की राशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।