काशीपुर में स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना गांवों में टीकाकरण करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। मंगलवार को एक महिला समिति ने शहर की वैशाली कॉलोनी में शिविर लगाकर हेपेटाइटिस बी और तपेदिक के टीका लगाना शुरू किया। इसके लिए लोगों से पंजीकरण के 10 रुपये और टीके के सात रुपये ले रहे थे। एक शिकायत पर सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने नारायण नगर के डॉ. कमल तिवारी को मामले की जांच के लिए भेजा। डॉ. तिवारी ने सीएमओ को फोन पर जानकारी दी कि समिति के पास सीएमओ ऊधमसिंह नगर से जारी मई 2017 की अनुमति है। टीका लगाने के लिए डॉक्टर नहीं है। मामले में सीएमओ ने कहा था कि एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय के प्रभारी अधीक्षक आरके सुंदरियाल को मामले की जांच का आदेश दिया जा चुका है। बुधवार को डॉ. सुंदरियाल सरकारी कार्य से बाहर गए थे। बृहस्पतिवार को डॉ. सुंदरियाल से जांच के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक सीएमओ की जांच का लिखित आदेश नहीं मिला है। उधर, समिति ने वैशाली कालोनी में टीकारण बंद कर दिया है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है।