कोतवाली क्षेत्र से दो दिन में चोरी हुई थीं तीन बाइक
रुद्रपुर। कोतवाली पुलिस ने बाइक लिफ्टर गिरोह का भंडफोड़ कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की 14 बाइक बरामद की हैं। कोतवाली क्षेत्र में पिछले पांच दिनों में बाइक चोरी की तीन घटनाएं हुई थी। आरोपियों के अनुसार नशे की पूर्ति के लिए बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
बुधवार को कोतवाली में एसपी क्राइम चंद्रशेखर आर घोड़के ने बताया कि 15 जुलाई से 17 जुलाई के बीच शहर में बाइक चोरी की तीन घटनाएं हुई थी। बाइक की तलाश के लिए एसपी सिटी मनोज कत्याल के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया था। सीसीटीवी खंगालने और कई लोगों से पूछताछ करने के बाद बाइक चोरी में रंपुरा के युवकाें की संलिप्तता सामने आई। मंगलवार को पुलिस टीम ने वार्ड 14 भदईपुरा निवासी शिवम यादव उर्फ सिम्मी, वार्ड 16 गड्ढा कॉलोनी निवासी सचिन पाल उर्फ उमा, वार्ड 21 मेडिकल वाली गली रंपुरा निवासी विशाल उर्फ झींगा और वार्ड 14 दुधियानगर निवासी सचिन यादव उर्फ छिद्दा की बाइक के इंजन और चेसिस नंबर की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि वह बाइक चोरी की है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बाइक चोरी करने की बात कबूली। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की हुई कुल 14 बाइक और इलेक्टि्रक कटर बरामद किया है। एसपी क्राइम ने कोतवाली पुलिस टीम को दो हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है।
बाइक नहीं बिकने पर कटर से देते थे काट
आरोपियों ने बताया कि वह बाइक चोरी करने के बाद दो-तीन दिन तक उसे खड़ी रखते हैं और इस दौरान बाइक को बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश करते हैं। चोरी की बाइक वह पांच से 10 हजार रुपये के बीच में बेच देते हैं। यदि कोई बाइक नहीं बिकती तो वह एएनझा इंटर कॉलेज के नजदीक बने खंडहर में उसे छिपा देते हैं। इसके बाद उनका एक साथी वार्ड नंबर 12 दुधियानगर निवासी भगवान बाबू शर्मा बाइक को इलेक्ट्रानिक कटर से काटता था और फिर सभी आरोपी बाइक के पुर्जाें को गलियों में आने वाले कबाड़ियों को फुटकर में बेचते थे। चोरी की बाइक के पुर्जें खरीदने वाले कबाड़ियों का पता नहीं चला है।
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नेपाल तक बेची जाती हैं चोरी की बाइक, 15 से अधिक बाइक बेची
रुद्रपुर। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले करीब एक साल से शहर में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और अब तक 15 से अधिक बाइक बेच चुके हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरेापियों के जरिए बेची गई कई बाइक नेपाल में चल रही हैं। संवाद
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पुरानी बाइक को बनाते हैं शिकार
रुद्रपुर। अधिकतर पुरानी बाइक के लॉक खराब हो जाते हैं और कोई भी चाबी उसमें आसानी से लग जाती है। इस कारण आरोपी पुरानी बाइक पर विशेष नजर रखते हैं और किसी भी चाबी से लॉक को खोल कर बाइक ले कर फरार हो जाते हैं। एसपी सिटी का कहना है कि बाइक स्वामी लॉक को हमेशा दुरुस्त रखे। संवाद