गदरपुर में नाहल नदी में डूबे रौनक की तलाश करते ग्रामीण और एनडीआरएफ के जवान। संवाद
घटनास्थल से 200 मीटर दूर मिला शव
गदरपुर। मछली पकड़ने के दौरान दस साल का बच्चा नाहल नदी में बह गया। बच्चे को डूबता देखकर मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने नदी में छलांग लगाकर बचाने की कोशिश की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। सूचना मिलने पर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद घटनास्थल से 200 मीटर दूर बच्चे का शव बरामद हो गया।
सोमवार की शाम चार बजे ग्राम राजपुरा नंबर एक कॉलोनी निवासी सत्येंद्र सिंह का पुत्र रौनक सिंह (10) कालोनी वासियों के साथ नाहल नदी में मछलियां पकड़ने गया था। मछली पकड़ने के दौरान अचानक रौनक सिंह पैर फिसल गया और वह नदी में बह गया। उसके चीखने की आवाज सुनकर वहां मौजूद कुछ युवकों ने पानी में छलांग लगा दी। लेकिन वे रौनक तक नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों की सूचना पर एसओ राजेश पांडे फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और रौनक की खोजबीन की। इस बीच एनडीआरएफ की 15वीं बटालियन से निरीक्षक कनिष्क पांगती के नेतृत्व में भी 30 जवानों की टीम ने नाहल नदी में पानी में उतरकर सर्च अभियान चलाया। करीब सात बजे रौनक का शव 200 मीटर दूर नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। रौनक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रौनक के पिता सतेंद्र सिंह और मां संगीता कौर मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। तीन भाई बहनों के परिवार में रौनक सिंह सबसे छोटा था।
बारिश के चलते अभियान हुआ प्रभावित
गदरपुर। पानी में डूबे दस वर्षीय रौनक सिंह की खोजबीन में पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस के जवानों को बारिश के शुरू होने से दिक्कत का सामना करना पड़ा। स्थानीय युवकों ने पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों के साथ बारिश के दौरान रौनक सिंह की तलाश में लगे रहे। आखिरकार रौनक को नहीं बचाया जा सका। संवाद