घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के तसरियाड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वक्ता भानु प्रसाद उनियाल ने कहा कि मन और कर्म भाव से गई पूजा कभी बेकार नहीं जाती है। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा प्रवचन करते हुए बताया कि बालक ध्रुव ने भगवान विष्णु की घोर तपस्या की। भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उन्हें बालक ध्रुव को तारा बनने का वरदान दिया था। ध्रुव तारा आज भी हमेशा आकाश में चमकता हुआ दिखाई देता है। कथा का श्रवण करने और उनका अनुसरण करने से दुखों और पापों का हरण होता है। इस मौके पर आचार्य अंबिका प्रसाद, प्यार सिंह बिष्ट, इंद्र सिंह बिष्ट, संजय बिष्ट, उत्तम चंद, वाचस्पति भट्ट, हर्षवर्धन भट्ट, नित्यानंद भट्ट, साहब सिंह नेगी, अखिलेश भट्ट आदि मौजूद थे। संवाद