भिलंगना ब्लॉक में सीमांत गांव गेंवाली को जोड़ने वाली सड़क 10 जुलाई से बंद है। इससे ग्रामीण गांव में कैद होकर रह गए हैं। ऐसे में बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाना तो चुनौती है ही, ग्रामीणों को जरूरी सामान के लिए भी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। ग्रामीण जोखिम भरे रास्ते पर छह किलोमीटर पैदल चलकर जरूरी सामान जुटा रहे हैं। जिस कंपनी को सड़क की मरम्मत का जिम्मा सौंपा गया है, उसका कहना है कि इस मोटर मार्ग पर दिसंबर तक ही यातायात बहाल हो पाएगा। गांव के प्रधान विशन दास ने बताया कि ग्रामीणों का विनयखाल-घनसाली क्षेत्र से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। पैदल रास्ते भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस दौरान गांव के चतर सिंह की तबीयत खराब होने पर उन्हें कंडी के सहारे बमुश्किल जखाणा तक पहुंचाया गया। उन्होंने सड़क का मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। कार्यदायी कंपनी वेपकोस के ईई एमएस बिष्ट ने का कहना है कि गेंवाली के पास 175 मीटर सड़क टूटी है। बालगंगा नदी का उफान कम होने के बाद ही वहां मशीनें भेजी जा सकती हैं। गेंवाली रोड पर अस्थायी पुलों की जगह तीन पुल भी प्रस्तावित किए गए हैं। इस रोड पर दिसंबर माह तक ही यातायात बहाल किया जा सकता है।