विद्यार्थियों को संगीत चिकित्सा और योग से तनाव मुक्ति के बताए उपाय
कंडीसौड़ (टिहरी)। राजकीय महाविद्यालय कमांद में तनाव प्रबंधन, समय प्रबंधन एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विषय पर आयोजित गोष्ठी में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओ को तनावमुक्त जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. गौरी सेवक ने किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन की भागदौड़ में मानसिक संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में समय का सही प्रबंधन और सकारात्मक सोच व्यक्ति को तनाव से दूर रखने में अहम भूमिका निभाती है। मानसिक शांति, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की मजबूत नींव हैं। देव संस्कृति विवि हरिद्वार के डॉ. अशोक ढोके ने कहा कि जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए व्यवहार, दिनचर्या और सोच में सकारात्मक बदलाव जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन प्रबंधन के व्यावहारिक सूत्र बताते हुए कहा कि नियमित दिनचर्या, आत्मअनुशासन और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता से तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शांतिकुंज के संगीत विशेषज्ञ गणेश पंवार, बलिराम ने संगीत चिकित्सा के महत्व की जानकारी दी। कहा कि मधुर संगीत मानसिक तनाव और विकारों को कम करने में सहायक होता है। संगीत मन को शांत कर एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा देने का प्रभावी माध्यम है। योग प्रशिक्षक देवेश चंद्र ने प्रतिभागियों को भ्रामरी और अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि नियमित योग और प्राणायाम से मानसिक तनाव कम होने के साथ आत्मिक शांति भी प्राप्त होती है। इस मौके पर शांतिकुंज के बीपी बधानी, कृष्णभूषण पेरुवाल, डॉ. राकेश मोहन नौटियाल, डॉ. दीपक राणा, डॉ. बीना रानी, डॉ. नीना शर्मा, केदारनाथ भट्ट, सोहन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।