केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर आ रही अड़चनें दूर होने का नाम नहीं ले रही है। कार्यदायी संस्था ने जिला विकास प्राधिकरण से निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति मांगी है लेकिन एक माह से प्राधिकरण के कार्यालय में भवन निर्माण की अनुमति की फाइल धूल फांक रही है। भवन निर्माण शुरू न होने का खामियाजा छात्र-छात्राओं को उठाना पड़ रहा है।
1989 में नई टिहरी में केंद्रीय विद्यालय अस्थाई भवनों में शुरू हुआ था। तब से केंद्रीय विद्यालय दो अलग-अलग पार्ट में संचालित किया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन लंबे समय से भवन निर्माण के लिए भूमि की मांग कर रहा है। बमुश्किल प्रशासन ने 2010 में नगर के आंचल डेयरी के पास 1.672 हेक्टेयर भूमि आवंटित की। बावजूद आवंटित भूमि तक सड़क बनने के लिए सात साल बाद 2017 में भूमि मिल पाई।
इसके बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन और कार्यदायी संस्था एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लि.) के बीच निर्माण कार्य पर खर्च होने वाली धनराशि को लेकर एक राय नहीं बन पाई थी। राय बनने के बाद केवि संगठन ने 40 करोड़ 4 लाख 83 हजार रुपये की धनराशि एक साल पहले स्वीकृत कर एनपीसीसी को निर्माण कार्य शुरू करने को कहा था। एनपीसीसी ने करीब एक माह पहले जिला विकास प्राधिकरण से भवन शुरू करने की अनुमति मांगी थी लेकिन प्राधिकरण के अधिकारी अनुमति देने की फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं।