रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन चलाएगा अभियान
सड़क किनारे से सरकारी और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन ने भी कवायद शुरू कर दी है। अतिक्रमण चिह्नित करने के लिए सभी एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। एक सप्ताह के भीतर कमेटी अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन की टीम सड़कों के किनारों और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगी।
हाईकोर्ट ने जिलाधिकारियों को राजमार्गों और सड़कों के किनारों से सरकारी और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। टिहरी जिले की सड़कों के किनारे और वन भूमि पर अतिक्रमण चिह्नित करने के लिए प्रशासन ने कमेटियों का गठन कर दिया है। एक सप्ताह के भीतर एसडीएम के नेतृत्व में कमेटी के सदस्य जिलेभर की सड़कों और वन भूमि का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। हालांकि सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन ने बीते मई और जून में अभियान चलाया था।
नैनबाग, घनसाली, चमियाला और कैंपटी क्षेत्र में कई स्थानों पर प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण को ध्वस्त किया था। सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए दोबारा अभियान शुरू होने पर ढालवाला, मुनिकीरेती, चौदहबीघा, नरेंद्रनगर, आगराखाल, खाड़ी, चंबा, नई टिहरी, बौराड़ी, पीपपडाली, घनसाली, चमियाला, लंबगांव, कार्णाताल, धनोल्टी, थत्यूड़, नैनबाग, गजा, चाका, देवप्रयाग, कीर्तिनगर क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती है।
सड़कों के किनारों, सरकारी और वन भूमि पर अतिक्रमण चिह्नित करने के लिए सभी एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन किया जा चुका है। अतिक्रमण चिह्नित कर एक सप्ताह में कमेटी रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। -मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी टिहरी