नई टिहरी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार की पहल पर गजा में प्राकृतिक खेती एवं बदलते मौसम विषय पर किसान गोष्ठी आयोजित की गई। रानीचौरी शोध एवं प्रसार केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के बीच टिकाऊ कृषि अपनाने पर जोर दिया। डाॅ. सुमित चौधरी ने कहा कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को समझना किसानों के लिए बेहद आवश्यक है। डॉ. सचिन ने कहा कि रासायनिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ रहा है जबकि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की सेहत सुधरती है। डाॅ. शिखा ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के दौर में प्राकृतिक खेती किसानों के लिए टिकाऊ विकल्प बनकर उभर रही है। इस मौके पर विजयपाल सिंह चौहान, पूनम चौहान, सभासद जसवंत सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। संवाद