पर्यावरणविद् स्व. विश्वेश्वर दत्त सकलानी की जयंती पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वनाधिकार आंदोलन के प्रणेता किशोर उपाध्याय ने जाखणीधार ब्लॉक के कफलना-करास गांव पहुंचकर कोविड-19 के कारण गांव में उत्पन्न समस्याओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि 50 लाख वृक्ष लगाने वाले स्व. सकलानी को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब गांवों से पलायन रुकेगा। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में वनाधिकार कानून लागू करने, पुस्तैनी हक-हकूकों की क्षतिपूर्ति देने जिसमें परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी, केंद्र सरकार की सेवाओं में आरक्षण, बिजली-पानी व रसोई गैस निशुल्क देने समेत कई मांगों को दोबारा उठाया। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट, ग्राम प्रधान रमेश पंवार, सुनील उपाध्याय, जगमोहन, बर्फ सिंह, युवराज पंवार, सूरज पंवार, मकान सिंह, चैन सिंह पंवार, वीरेंद्र पंवार, राकेश पंवार उपस्थित रहे।