संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) व जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता वेणीमाधव शाह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से सात मई 2021 को मुनि की रेती पुलिस थाने में दी गई तहरीर में बताया गया था, कि उसकी नाबालिग भांजी उनके घर में रहकर पढ़ाई करती है। सात मई 2021 की शाम को वह बकरी चुगाने नदी किनारे गई थी। लेकिन देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटी तो उसकी तलाश की गई। काफी देर बाद वह घर की ओर आती हुई दिखाई दी। घर पहुंची पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि नदी के पास बकरी चुंगाने के दौरान दो लड़के मोटर साइकिल पर आए और जबरन उसे अपनी मोटर साइकिल पर बिठाकर दूर जंगल में ले गए। वहां जबरदस्ती कर उसके साथ गलत काम किया।
उन्होंने मुनि की रेती पुलिस थाने में अभियुक्त के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान अभियुक्त नवीन गुसाईं और हंसराज उर्फ रिंकू का नाम प्रकाश में आया। दोनों को आठ मई 2021 को गिरफ्तार किया गया। साक्ष्य के आधार पर मुख्य अभियुक्त नवीन के विरुद्ध धारा 376 और रिंकू के विरुद्ध धारा 120 बी व अन्य धाराओं के तहत आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय में पेश किया गया।
शासकीय अधिवक्ता शाह ने कई गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत कर अदालत से अभियुक्तों को कड़ी सजा देने की अपील की। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) योगेेश कुमार गुप्ता की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नवीन को पॉक्सो अधिनियम 2012 के आरोप में दोष सिद्ध पाते हुए अभियुक्त को 20 साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि दूसरा आरोपी रिंकू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।