जिला प्रशासन की ओर से शुरू किए गए ‘अपणु स्कूल अपणु प्रमाण’ कार्यक्रम की समीक्षा की गई। सीडीओ मनीष कुमार ने कहा कि जिले में 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को जाति, स्थायी और पर्वतीय क्षेत्र प्रमाणपत्र स्कूल में ही दिए जाने हैं। सभी एसडीएम को इसके लिए रोस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में सीडीओ ने कहा कि ‘अपणु स्कूल अपणु प्रमाण’ एक नया प्रयास किया गया है। कार्यक्रम के तहत छात्रों को आय, जाति, स्थायी निवास और पर्वतीय प्रमाण पत्र स्कूलों में ही निर्गत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी डीएम डॉ. सौरभ गहरवार के इस प्रयास की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आईएएस वीक में खूब प्रशंसा करते हुए अन्य जिलों को भी इसका अनुसरण करने को कहा था। सीडीओ ने सभी बीईओ से कहा है कि अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों की रिपोर्ट वहां के एसडीएम को उपलब्ध कराएं। इसमें वित्त पोषित स्कूल भी शामिल हैं।
बीडीओ और वीपीडीओ को भी इसका प्रसार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। डीईओ वीके ढौंडियाल ने बताया कि 1 से 14 जनवरी तक स्कूलों में शरदकालीन अवकाश है। ऐसे में रोस्टर स्कूल खुलने के बाद तैयार किया जाएगा। इस मौके पर एडीएम रामजी शरण शर्मा, एसडीएम लक्ष्मीराज चौहान, केएन गोस्वामी, देवेंद्र सिंह नेगी, तहसीलदार सुनील राज आदि मौजूद थे।