लंबगांव में घर के देहरी में फूल डालती फूलदेई।
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फूल देई, छम्मा देई, देणी द्वार, भर भकार... जैसे गीतों के साथ रविवार से प्रकृति देवी का आभार प्रकट करने का लोक पर्व फूल संक्रांति का शुभारंभ हो गया। फूलदेई संक्रांति पर नगर क्षेत्र और गांव-गांव में बच्चों ने सुबह उठकर खेत-खलिहानों के आसपास उगे हुए रंगीन फूल चुनकर लाए और सूर्योदय से पूर्व उन्हें अपने घर की देहरी में डाला। इस दौरान बच्चों ने गांव और मोहल्ले की ओर निकलकर ‘फूल देई-फूल देई छम्मा देई दैणी द्वार भर भकार यो देई सौं बारंबार नमस्कार’ गीत गाते हुए आसपास के घरों और मंदिरों की देहरी यानी मुख्य द्वार पर फूल डाले। इसके बदले में लोगों ने बच्चों को आशीर्वाद के साथ ही भेंट के रूप में मिठाई और दक्षिणा भी दी। ब्यूरो