बटखेम से मां भगवती कालिंका की डोली 11 अक्तूबर शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को अपने मूल स्थान केदारखंड के भ्रमण पर निकलेगी। इसी दिन कालीमठ में कालरात्रि पूजन और रात्रि जागरण किया जाएगा। दूसरे दिन 12 अक्तूबर को मां भगवती की डोली केदारनाथ भगवान की गद्दी ऊखीमठ पहुंचेगी। वहां से काली फाट पट्टी के फेगू गांव में नवरात्र पूजन में शिरकत करने के बाद गुप्तकाशी में काशीविश्वनाथ और त्रिजुगीनारायण से होकर रात्रि विश्राम के लिए सैनिक होटल गुप्तकाशी पहुंचेगी। मां कलिंका मंदिर के पुजारी पंडित सुधीर प्रसाद बेलवाल ने बताया कि 13 अक्तूबर को डोली मां भगवती धारी देवी, श्रीनगर में कमलेश्वर महादेव मंदिर और देवलगढ़ में मां राजराजेश्वरी मंदिर के दर्शन करने के बाद अपने स्थान बटखेम पहुंचेगी। डोली यात्रा संपन्न होने के बाद बटखेम में 24 अक्तूबर को 39 वां भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय कालीमठ यात्रा में महिला ढोल वादक ऊषा देवी भी रहेंगी।