संवाद न्यूज एजेंसी
घनसाली (टिहरी)। तहसील प्रशासन ने भूगर्भीय वैज्ञानिकों की टीम के साथ आपदा प्रभावित लाटा और कोट गांव का निरीक्षण किया। कोट गांव में 26 जुलाई को भारी भूधंसाव होने से तीन मकान मलबे में दब गए थे, जबकि गांव के अन्य परिवारों को भी खतरा बना हुआ है। लाटा में भी 27 जुलाई को भूधंसाव होने से उसमें भी तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे।
लगातार हो रही बारिश से खतरे को देखते हुए सोमवार को एसडीएम केएन गोस्वामी ने भूगर्भीय टीम के साथ आपदा प्रभावित दोनों क्षेत्रों का निरीक्षण किया। बताया गया कि लाटा में 12 आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है। निरीक्षण टीम ने उनके पुनर्वास की संस्तुति की है। कोट गांव में करीब 45 परिवार खतरे में जद में है। टीम ने कहा कि सभी 45 परिवारों को वहां से हटाना जरूरी है। भूगर्भीय टीम ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया जहां हरिनाम तोक में आपदा प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा गया है। एसडीएम ने बताया कि आपदा प्रभावित परिवारों को और उनके मवेशियों का मुआवजा दे दिया गया है। आपदा की दृष्टी से लाटा और कोट गांव में कई परिवार खतरे की जद में हैं। उनकी रिपोर्ट बनाकर जल्द ही जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। टीम में एसडीएम सहित जीएसआई के डॉ. अमित गौरव, तहसीलदार महेश शाह, आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता आलोक कुमार, आपदा अधिकारी बृजेश भट्ट, राजस्व उप निरीक्षक दिनेश सिंह नाथ और गबर सिंह नेगी आदि शामिल थे। संवाद