लॉकडाउन में मजदूर वर्ग को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मदद के लिए कई संस्थाएं, प्रशासन आगे आ रहा है फिर भी हर जरूरतमंद तक मदद नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिला मुख्यालय में रह रहे नेपाली पल्लेदार खगेंद्र बहादुर, दिल बहादुर और तिल बहादुर को दो दिन तक भोजन नहीं मिल पाया। उन्होनें बताया कि वह एक माह पहले ही घर से आए थे, जो कुछ कमाया वह घर भेज दिया था। अब पैसा खत्म होने से खाने का संकट होने लगा। उन्होंने बताया कि कुछ और दिन अन्य मजदूर साथियों से मांगकर खाना खाया। अब दो दिन से खाना नहीं खाया बिस्कुट खाकर ही भूख मिटाई। जब इसकी सूचना नागरिक मंच और नगर पालिका को मिली तो उन्होंने मजदूरों को भोजन और राशन दिया।