संवाद न्यूज एजेंसी
थत्यूड़(टिहरी)। जौनपुर ब्लॉक क्षेत्र में खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक माने जाने वाला दुबड़ी (दुर्गा अष्टमी) का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीणों ने नाग देवता की डोली, भूमि और कुलदेवता से क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। उन्होंने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ जमकर तांदी नृत्य भी किया।
जौनपुर ब्लॉक के बंगशील, खेडा, ठिक्क, भुंयासारी, तेवा, ओंतड़, ऐरी, शीर्ष, डिगोन, मुंगलोडी आदि गांवों में दुबड़ी त्योहार बृहस्पतिवार रात को धूमधाम से मनाया गया। ग्राम खेड़ा मल्ला के प्रधान कमलेंद्र रावत ने बताया कि भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह पारंपरिक त्योहार मनाया जाता है। दुबड़ी से एक दिन पूर्व गांव की सभी महिलाएं अपने घर आंगन, पंचायती चौक और रास्तों की सामूहिक रूप से साफ-सफाई करती हैं। उसके बाद अगले दिन दोपहर के समय गांव के पुरुष और बच्चे खेतों से फसलें लाकर पंचायती चौक में जमा कर एक बड़ा गट्ठर बनाते हैं।
गांव के बुजुर्गों के निर्देश पर उस फसलों के गट्ठर को एक मीटर गहरे खड्ढे में गाढ़ा जाता है। जिसे स्थानीय भाषा में दुबड़ी कहा जाता है। शुक्रवार को अनाज, झंगोरा और कोदे के आटे को पीसकर उसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाई गई। जो दुबड़ी पर्व का विशेष पकवान होता है। जिसे खांड (चीनी का भूरा) और शुद्ध घी के साथ प्रसाद के रूप में परोसा गया। इस दौरान नाग देवता की डोली से ग्रामीणों ने आशीर्वाद लिया। मुख्य पुजारी रमेश प्रसाद नौटियाल ने बताया कि डोली दुबड़ी के त्योहार में छह गांवों खेड़ा मल्ला, खेड़ा तल्ला, पापरा तल्ला, पापरा मल्ला, कुवा और मुंदणी गांव जाकर ग्रामीणों को आशीर्वाद देती है। इस मौके महावीर सजवाण, कुलवी रावत, राकेश सजवाण, अजीत सजवाण, जगमोहन कंडारी, दिनेश रावत, शैलेंद्र रावत आदि मौजूद थे।