घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गांव गंगी में अनुसूचित जाति के चार परिवारों के पास हिमालयी थार का मांस मिलने का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग ने मांस को सील कर जांच के लिए भेजा है।
सीमांत गांव गंगी में अनुसूचित जाति और सवर्णों के बीच चल रहा मारपीट का विवाद थमा भी नहीं हैं, कि वहां एक और विवाद खड़ा हो गया है। गंगी के प्रधान नैन सिंह ने वन विभाग को सूचना दी थी, कि गांव में अनुसूचित जाति के राकेश लाल, जितेंद्र, रमेश लाल और मोहन लाल के घर से ग्रामीणों ने हिमालय थार का मांस बरामद किया है। मांस मिलने की सूचना पर सात दिसंबर को गंगी गांव पहुुंची वन विभाग की टीम ने बताया कि ग्राम प्रधान नैन सिंह और अन्य ग्रामीणों ने अवगत कराया कि मांस अनुसूचित जाति के चार लोगों के घरों से बरामद किया गया है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से पूछताछ के बाद मांस को कब्जे में लेकर मांस रखने वालों की तलाश की, लेकिन कोई भी घर पर नहीं मिला। वन दारोगा सुमेर सिंह ने बताया कि बरामद थार का मांस दो- तीन दिन पुराना लग रहा है। रेंज अधिकारी एसएस नेगी ने बताया कि जिनके घरों में मांस मिला है, उन्होंने पूछताछ में साजिश के तहत फंसाने की बात कही है। डीएफओ डा. कोको रोसे ने कहा कि इसमें तीन लोगों के नाम आ रहे हैं, यह आपसी रंजिश भी मानी जा रही है। मांस किस जानवर का है, जांच के बाद ही पता चल पाएगा।