नई टिहरी। चारधाम परियोजना की ऑल वेदर रोड के लिए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा लेने में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। मुआवजा लेने के लिए सह खाताधारक को मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) देने के बावजूद खुद भी मुआवजे का चेक लेने के आरोप में सक्षम अधिकारी भू अर्जन ने मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि जारी किए गए दोनों चेक के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
ऑल वेदर रोड निर्माण के लिए इन दिनों हाईवे -94 का मुआवजा वितरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस दौरान धोखाधड़ी से एक भूमि का मुआवजा दो बार लेने का मामला पकड़ में आने पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। थाना पुलिस ने बताया कि ऑल वेदर रोड के लिए कुकरबागी में अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा लेने के लिए जड़धार गांव के दर्शन सिंह ने सह खाताधारक पपेंद्र सिंह को मुख्तारनामा दिया था। जिसका भुगतान 73.63 लाख रुपये का चेक 15 नवंबर को पपेंद्र सिंह को दिया गया था। उसके बाद फिर दर्शन सिंह ने उसी भूमि का प्रतिकर भुगतान का 63.85 लाख रुपये का चेक ले लिया। मामला पकड़ में आने पर सक्षम अधिकारी भू-अर्जन ने दर्शन सिंह को जारी चेक वापस लेकर पहले जारी किए गए चेक के आहरण पर रोक लगा दी है। जबकि दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी गई है। एसएसआई प्रकाश पोखरियाल ने कहा कि सक्षम अधिकारी भू अर्जन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में शीघ्र ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।