संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सीनियर सिविल जज की अदालत ने चेक बाउंस के आरोप में अभियुक्ता को छह माह साधारण कारावास की सजा सुनाते हुए 6.20 लाख रूपये का अर्थदंड लगाया है। इस धनराशि में से 6.15 लाख रूपये प्रतिकर के रूप में परिवादी को देने और पांच हजार रूपये राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर अभियुक्ता को दो माह और जेल में रहना होगा।
परिवादी श्रीचंद निवासी मॉडल हाउस सेक्टर 3 नई टिहरी निवासी ने बताया कि ऋषिलोक कॉलोनी ऋषिकेश निवासी सुलोचना बोरा उर्फ शालू से उसकी अच्छी जान-पहचान थी। अभियुक्ता ने जौलीग्रांट में स्थित 100 गज का प्लॉट परिवादी को बेचने का ऑफर दिया। दोनों के बीच 6.50 लाख रुपये में जमीन का सौदा तय होने पर 3 दिसंबर 2018 को अभियुक्ता ने श्रीचंद से बयाने के तौर पर छह लाख रुपये नकद ले लिए। बाकी 50 हजार रुपये रजिस्ट्री के समय तीन माह बाद देने की बात तय हुई।
अभियुक्ता ने गारंटी के तौर पर श्रीचंद को तीन ब्लैंक चेक भी दिए। लेकिन तीन माह का समय बीतने के बाद भी जब परिवादी को प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं गई तो परिवादी ने बयाने के तौर दिए 6 लाख रुपये वापस मांगे। लेकिन अभियुक्ता टालमटौल करती रही। कई बार कहने पर भी जब पैसे वापस नहीं मिले तो श्रीचंद ने चेक जमा कराया। लेकिन चेक बाउंस हो गया। परिवादी ने 17 अक्टूबर 2019 को एसीजेएम कोर्ट में केस दर्ज किया। परिवादी के अधिवक्ता सोहन सिंह रावत ने मामले में मूल चेक, जमा पर्ची सहित कई कागजी दस्तावेज प्रस्तुत कर कोर्ट से धनराशि वापस दिलाने की अपील की। मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सीनियर सिविल जज आफिया मतीन की अदालत ने अभियुक्ता को छह माह सजा सुनाई है।