पांगरखाल गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन हवन यज्ञ का आयोजन हुआ। कथा व्यास डा. दुर्गेशाचार्य महाराज ने विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद हवन यज्ञ संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही जन्म जन्मांतर के पाप दूर हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से भक्ति मार्ग से जुड़ने और सत्कर्म करने को कहा। कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। इस मौके पर कथा यजमान शूरवीर सिंह नेगी, विरेंद्र नेगी, गिरवीर सिंह नेगी, आचार्य सुनील दत्त उनियाल, राकृष्ण उनियाल, अभिषेक बधानी, गणेश उनियाल व राजेंद्र प्रसाद चमोली आदि उपस्थित रहे। संवाद