थत्यूड़ (टिहरी)। ब्लाक मुख्यालय में चल रही श्रीराम लीला के 11वें दिन हनुमान माता सीता की खोज में लंका रवाना हुए। लंका में उन्हें विभीषण मिले जो श्रीराम नाम का जाप कर रहे थे। यह देख हनुमान जी ने विभीषण से मुलाकात की और मां सीता के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने बताया कि सीता को रावण ने अशोक वाटिका में कैद किया हुआ है। इसके बाद हनुमान अशोक वाटिका गए और श्रीराम की ओर से दी गई मुद्रिका सीता को सौंपी। इसके बाद वाटिका से फल खाने के कारण हनुमान जी से अशोक वाटिका तहस-नहस हो गई। इसके बाद मेघनाथ ने हनुमान को ब्रह्म फांस में फांस कर रावण के समक्ष पेश किया। जहां काफी देर तक उनके बीच संवाद होने के बाद रावण ने हनुमान की पूंछ में आग लगाने को कहा। पूंछ में आग लगते ही हनुमान ने पूरी लंका में आग लगा दी।