कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार के पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान का कहना है कि टिहरी बांध की झील में व्यवसायिक बोट लाइसेंस देने में शासन-प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वार्थों में फंसे हुए हैं। क्योंकि उनके नाते-रिश्तेदारों की बोटें सिंचाई बांध अवस्थापना खंड में ठेके पर संचालित हो रही है। जिस पर प्रति माह लाखों का वारा न्यारा किया जा रहा है। व्यवसायिक बोट लाइसेंस मिलने पर ऐसे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अपने व्यक्तिगत हित प्रभावित होने का भय सता रहा है।