नई टिहरी। शिक्षा प्रेरक संगठन की जिलास्तरीय बैठक में सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया गया। बौराड़ी में संगठन की अध्यक्ष सुनीता पंवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिंतबर 2017 में साक्षर भारत मिशन परियोजना बंद कर दी है, लेकिन कार्यरत शिक्षा प्रेरकों को जून 2016 से परियोजना बंद होने तक का मानदेय नहीं दिया है। वर्तमान में शिक्षित युवा बेरोजगार बैठे हैं। लंबित मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब पढ़ने और पढ़ाने का कार्यक्रम शुरू कर रही है। इस कार्यक्रम में प्रेरकों की तैनाती करने और लंबित मानदेय देने की मांग की गई। बैठक में सुनील त्रिपाठी, शेर सिंह डोबरा, विमल कौशल, बिरखोदर पंवार, केशव निराला, जयप्रकाश, मंजीत, सरोज थपलियाल, निर्मला बलोदी आदि मौजूद थे। ब्यूरो