भीरी क्षेत्र के ओरिंग, सुरसाल, जलई, धरसिल, परकंडी, ककोला आदि गांव में जंगली सुअर काश्तकारों की खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। शाम ढलते ही जंगली सुअरों के झुंड खेतों में फसलों को तहस-नहस कर काश्तकारों की वर्षभर की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। नरेंद्र सिंह कंडारी, राजेश नेगी आदि का कहना है कि सुबह होते ही गांवों में लोग बंदरों के आतंक से पहले से परेशान हैं। अब, शाम ढलते ही पिछले कई दिनों से जंगली सुअर फसल चौपट कर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से काश्तकारों को मुआवजा देने की मांग की है।