13 किमी लंबे सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे निर्माण के लिए हो रही पेड़ों की गणना में मौसम बाधक बन रहा है। केदारघाटी में आए दिन हो रही बारिश से यहां दिनभर में दो से तीन घंटे ही गणना का काम हो पा रहा है। इस कार्य में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग और कार्यदायी संस्था की परामर्शदाता कंपनी के 12 कर्मचारी जुटे हैं।
केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन हाईवे लॉजिस्टक मैनेजमेंट लिमिटेड ने रोपवे निर्माण का जिम्मा ट्रेवस्ट्रा कंपनी को सौंपा है। इसके तहत कर्मचारी रोपवे निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई 11 हेक्टेयर वन भूमि के मामलों के निस्तारण में जुटे हुए हैं। एक सप्ताह से टीम गौरीकुंड से रामबाड़ा के बीच पेड़ों की गिनती कर रही है और चिह्नित पेड़-पौधों पर निशान लगा रही है लेकिन केदारघाटी में आए दिन हो रही बारिश से पेड़ों की गिनती का काम प्रभावित हो रहा है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के ऊखीमठ रेंज के रेंजर पंकज ध्यानी का कहना है कि हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि इस माह के आखिरी तक पेड़ों की गणना का काम पूरा कर दिया जाए। इसके बाद रिपोर्ट प्रभागीय कार्यालय के माध्यम से नोडल को भेजी जाएगी। अगर सब ठीक रहा तो आगामी वर्ष मार्च माह तक यहां रोपवे का निर्माण शुरू हो जाएगा।
रोपवे बनने से 35 मिनट में पहुंच सकेंगे धाम
सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे बनने से केदारनाथ यात्रा सुलभ और सुरक्षित हो जाएगी। अभी केदारनाथ यात्रा के लिए गौरीकुंड से 16 किमी दूरी पैदल तय की जाती है जिसमें करीब पांच घंटे लगे हैं। जब यह रोपवे बन जाएगा तो यात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम मात्र 35 मिनट में पहुंच सकेंगे।