जखोली गांव के ग्रामीणों ने गौरीकुंड बाईपास से गांव तक मोटर मार्ग का डामरीकरण करने की मांग की है। कहना है कि मार्ग का डामर नहीं होने से जवाड़ी और दरमोला गांव के ग्रामीण हिचकोले खाकर अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। गांव तक लगभग पांच किमी मार्ग के उबड़-खाबड़ होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीण आरपी नौटियाल, एसएस कप्रवाण, डीएस पंवार, केएस कप्रवाण, रवींद्र कप्रवाण, पीएस पंवार, राजेंद्र कप्रवाण आदि का कहना है कि बाईपास से जवाड़ी तक मोटर मार्ग बनने से ग्रामीणों को राहत तो मिली, लेकिन मार्ग खस्ताहाल होने से कई दुपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। साथ ही बड़े वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है, जिस कारण ग्रामीणों को अपने घरों तक निर्माण सामग्री व अन्य वस्तुओं की सप्लाई में दिक्कत हो रही है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मार्ग के मोड़ों की कटिंग और डामरीकरण करने की मांग की है। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि जल्द ही मार्ग का सर्वेक्षण कर डामरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। संवाद