उत्तराखंड क्रांतिदल के जिला उपाध्यक्ष मोहित डिमरी ने बिजली की दरों में वृद्धि पर रोष जताया है। कहना है कि कोरोनाकाल में पहले ही आमजन पस्त हो गया है। ऐसे में सरकार का बिजली की दरों में इजाफा का निर्णय औचित्यहीन है। उन्होंने प्रदेश सरकार से बिजली दरों को पूर्ववत रखने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में व्यापार ठप हो रखा है। अन्य काम-धंधे भी बंद होने से लोग बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में बिजली, पानी, स्कूल फीस, कमरे का किराया, सब्जी-राशन के लिए लोगों के पास रुपये नहीं हैं। सरकार जनता के प्रति लापरवाह हो चुकी है। इन विषम परिस्थितियों में सरकार को जनता के बिल माफ करने चाहिए थे, लेकिन बिजली दरों में इजाफा कर आमजन की कमर तोड़ने का काम किया है। संवाद