नई टिहरी। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) व जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक अभियुक्त को नाबालिग का अपहरण करने का दोषी पाते हुए दो साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं किया तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। हालांकि कोर्ट ने उसे पाॅक्सो अधिनियम में दोष मुक्त कर दिया है।
इस मामले में मुनि की रेती पुलिस थाने में जुलाई 2019 को नाबालिग के चाचा ने मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि आठ जुलाई को उसकी नाबालिग भतीजी अपनी छोटी बहन के साथ स्कूल जा रही थी। रास्ते में लंबगांव निवासी जयवीर सिंह भतीजी को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सितंबर 2019 में चार्जशीट दाखिल कर अभियुक्त को न्यायालय में तलब किया। वादी के अधिवक्ता की ओर से कई गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) व जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जयवीर को पॉक्सो अधिनियम से दोष मुक्त कर नाबालिग का अपहरण करने के जुर्म में दो वर्ष कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।