तीन माह से जिस तरह से मौसम पुनर्निर्माण में रोड़े डाले है, उससे दाो महीने में काम पूरा हाोना संभ्ाव नहीं लग रहा है। बाबा केदार की ग्रीष्मकालीन यात्रा मई दूसरे सप्ताह से शुरू होनी है। सरकार इस वर्ष धाम में पहले दिन से ही एक रात में पांच हजार यात्रियों के लिए ठहरने सहित अन्य सुविधाओं की बातें कर रही हैं।
केदारनाथ धाम ढाई वर्ष से पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा है। एमआई-26 हेलीपैड पर 120 कॉटेज निर्माण के लिए फ्रेम खड़े किए जा रहे हैं। वहीं मंदाकिनी व सरस्वती नदी के संगम पर स्नानघाट व मंदिर से क्रमश: 4 और 6 सौ मीटर पीछे आरसीसी व रॉक नेट सुरक्षा दीवार बननी है। बिगडैल मौसम से तीन माह से सरिया, सीमेंट व पत्थर का काम नहीं हो रहा है। अधिकांश समय तापमान माइनस में होने से सीमेंट व टाइल्स सेट नहीं हो पा रही हैं। धाम में तीर्थ पुरोहितों के लिए 107 भवन भी बनाए जाने हैं, जो बुनियाद से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। केदारनाथ में पुनर्निर्माण के दूसरे चरण के कार्यों को मई माह तक पूरा किया जाना है।
सुरक्षा दीवार पर लगाई जा रही नेट
मौसम की बेरुखी के बीच इन दिनों केदारनाथ में एमआई-26 हेलीपैड पर बन रहे कॉटेज के लिए वेल्डिंग से फ्रेम को जोड़ा जा रहा है। 52 कॉटेज के फ्रेम जोड़ दिए गए हैं। इसके अलावा निम मंदिर के पीछे रॉक नेट वाल पर वेल्डिंग से नेट को जोड़ा जा रहा है।
केदारनाथ में पिछले तीन माह से मौसम का मिजाज पहेली बना हुआ है। सीमित बर्फबारी के बावजूद सर्दियों में तापमान कई दिन माइनस में होने से पुनर्निर्माण प्रभावित हो रहे हैं। - देवेंद्र बिष्ट, मीडिया प्रभारी निम, केदारनाथ