जखोली। पलायन की समस्या पर अंकुश लगाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के दक्षिणी जखोली रेंज के अंतर्गत रोठिया ग्राम सभा में कार्यशाला हुई। इस दौरानमें ग्रामीणों को मशरूम उत्पादन और वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन की बारीकियां सिखाई गईं। मैसर्स अनंत हिमलयाज जखोली और मैसर्स ग्रीनहट ऑर्गेनिक ग्लोबल पहाड़ी के तकनीकी सहयोग से आयोजित शिविर में महिलाओं और युवाओं को उत्पादन, मशरूम का अचार बनाने के गुर भी सिखाए गए। एपिस सेरेना मधुमक्खी और ऑयस्टर व बटन मशरूम पर ध्यान केंद्रित किया गया है जो उत्तराखंड की जलवायु के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं। उन्हें शहद के साथ-साथ पराग और रॉयल जैली तैयार करने की जानकारी भी दी। उप प्रभागीय वनाधिकारी पुंडीर ने बताया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों को वनों के संरक्षण से जोड़ते हुए उनकी आजीविका को मजबूत करना है। प्रशिक्षण में प्रतिभागी मंजू देवू, विमला देवी व बलवीर सिंह मौजूद रहे। संवाद