गुप्तकाशी। विश्वनाथ मंदिर के ठीक ऊपर जाखधार रोड पर बड़े-बड़े होटल हैं और इन होटलों के लिए यहां नलकूप तैयार किया जा रहा है। ऐसे में विश्वनाथ मंदिर में निकलने वाले जल धारा प्रभावित कम हो रही है। पूर्व प्रमुख ममता नौटियाल, बच्चन सिंह पवार कहती हैं कि पूर्व में मंदिर परिसर में बड़ी मात्रा में जलधाराएं हुआ करती थीं। गंगा-यमुना जल धाराओं के अतिरिक्त मंदिर पार्किंग वाली जगह पर बहुत सा पानी हुआ करता था जिसे कुछ निजी लोगों ने नल लगाकर अपने घरों तक पहुंचा दिया। अब मंदिर के ठीक ऊपर जाखधार मार्ग पर बन रहे नलकूपों से मंदिर की जलधाराओं पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। मंदिर प्रबंधक भगवती प्रसाद सेमवाल बताते हैं की जनता की जागरूकता से ही इन जल धाराओं को सुरक्षित रखा जा सकता है। संवाद