ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर की भोग मूर्तियों को धाम प्रस्थान से पूर्व आज रविवार को सभामंडप में विराजमान किया जायेगा, इसके साथ ही मध्यमहेश्वर धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। इसके लिए मन्दिर समिति ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।सुबह साढ़े आठ बजे रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में भोग मूर्तियां सभा मंडप में लाई जाएंगी। तब रावल धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग को छह माह की पूजा का संकल्प देगें। इस अवसर पर नवग्रह पूजा, दान, आरती आदि परंपराओं का निर्वहन किया जायेगा। यहां पंच गोंडारियों की मौजूदगी में मुख्य पुजारी उत्सव मूर्ति का अभिषेक, पूजा कर आरती उतारेगें। इस दौरान ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में स्थानीय हक-हकूकधारी व ग्रामीण भगवान मध्यमहेश्वर को नये अनाज का भोग छावड़ी तैयार कर अपने आराध्य बाबा मध्यमहेश्वर को अर्पित करेंगे। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी हरीश गौड ने बताया कि सोमवार 18 मई को भगवान मध्यमहेश्वर सभामंडप में ही विराजमान रहेंगे और 19 मई को सुबह सात बजे चल उत्सव विग्रह डोली ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए प्रस्थान करेगी। उन्हाेंने बताया रात्रि विश्राम के लिए उत्सव डोली राकेश्वरी मंदिर रांसी पहुंचेगी। 20 मई को गोंडार व 21 मई को मध्यमहेश्वर धाम पहुंचेगी इसी दिन सुबह 11 बजे कपाट खोल दिए जाएंगे।