गुप्तकाशी। श्रीकाशी विश्वनाथ भक्त मंडली की ओर से विश्वनाथ मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् देवीभागवत एवं शिवमहापुराण कथा के आठवें दिन कथा श्रवण के लिए अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवीभागवत कथा वाचक आचार्य हरिओम देवशाली ने कहा कि प्रकृति प्रत्यक्ष शक्ति का स्वरूप है। प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। शिवमहापुराण कथा वाचक आचार्य रोशन जगुड़ी ने कहा कि माता सती भगवान शिव की शक्ति हैं और बिना शक्ति के शिव भी शव हैं। गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर में शिव-पार्वती अर्धनारीश्वर स्वरूप में विराजमान हैं। इस अवसर पर आयोजन समिति अध्यक्ष वचन सिंह नेगी, डॉ. हर्षवर्धन बेंजवाल, प्रमोद शर्मा, माधव कर्नाटकी, सुरेंद्रदत्त नौटियाल, आलोक बगवाड़ी, हर्षवर्धन शुक्ला आदि मौजूद रहे। संवाद