खस्ताहाल पैदल मार्ग से कर रहे गौंडार के लोग आवाजाही। स्राेत जागरूक पाठक
गौंडार गांव तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य ठप, घोड़े खच्चरों के लिए भी नहीं बना रास्ता
ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट आगामी 21 मई को खोले जाने हैं लेकिन अब तक यहां सड़क व पैदल मार्ग की स्थिति में कोई सुधार नहीं किया गया है। गौंडार गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए राशि से आगे पांच किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है लेकिन अभी सड़क तीन किलोमीटर तक ही बनाई गई है। साथ ही सड़क निर्माण से पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है और सड़क निर्माण कार्य इन दिनो ठप है। कार्य गति धीमी होने के कारण क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। गांव के पूर्व प्रधान बीरेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि लोनिवि के माध्यम से बन रहे इस मार्ग पर इन दिनों निर्माण कार्य बंद है। बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग की स्थिति खराब है। कहा इस पैदल मार्ग पर ना तो घोड़े खच्चरों के जाने का रास्ता है और ना ही खाद्यान सामाग्री पहुंच पा रही है। मजदूरों के माध्यम से सामान ढुवाई पर अधिक धन का भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तरसाली तोक से गौंडार तक निर्माण कार्य बंद होने से लोगों में आक्रोश है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश प्रकाश नैथानी ने बताया कि तकनीकी खामी के कारण जेसीबी मशीन से कार्य नहीं हो पा रहा है जिसे दो दिन में दुरुस्त कर कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया पैदल मार्ग को बनाने के लिए श्रमिक कार्य कर रहे है 100 मीटर तक पैदल मार्ग बन गया है शेष 500 मीटर मार्ग को बनाया जा रहा है।