भारतीय किसान सभा, जिला काउंसिल ने कुछ दिन पूर्व लखीमपुर खीरी में हुई घटना में शामिल मंत्री के पुत्र को बचाने के विरोध में प्रदर्शन किया। मौके पर घटना में मारे गए चार किसानों व एक पत्रकार के अस्थि कलश को विधि-विधान से अलकनंदा-मंदाकिनी के संगम पर विसर्जित किया गया। सोमवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन के उपरांत आयोजित सभा में पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपराधी मंत्री को संरक्षण दे रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर जेल भेजने और हरियाणा व असम के मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगने की मांग भी की। किसान सभा के पदाधिकारियों का कहना था कि 11 महीने से किसान आंदोलन चल रहा है लेकिन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस दौरान जिलाधिकारी मनुज गोयल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा गया। इस मौके पर पूर्व जिपं अध्यक्ष गंगाधर नौटियाल, राजाराम सेमवाल, दौलत सिंह, कमला रावत, जय सिंह नेगी, बलवंत लाल, शिशुपाल लाल, रोशन लाल, जागेश्वर सिंह, नरेंद्र सिंह रावत, मदन सिंह रावत आदि मौजूद थे।