चौमासी- केदारनाथ पैदल मार्ग को मोटर मार्ग बदलने को चार दशक से जारी है संघर्ष
गुप्तकाशी। केदारनाथ आपदा के दौरान अहम साबित हुआ चौमासी-केदारनाथ पैदल मार्ग को मोटर मार्ग बनाने की जनता ने मांग की है। है। कालीमठ घाटी के लोग कई साल से इस मार्ग को मोटर मार्ग के रूप में विकसित करने की मांग उठा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह केदारनाथ पहुंचने के लिए सुरक्षित और कम दूरी वाला वैकल्पिक मार्ग बन सकता है। जाल के पूर्व प्रधान रामचंद्र राणा, चौमासी के पूर्व प्रधान दलवीर तिंदोरी ने बताया कि पिछले करीब 40 वर्षों से क्षेत्र की जनता इस एक सूत्रीय मांग को लेकर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग का कई बार सर्वेक्षण भी हो चुका है और यह करीब 22 किलोमीटर का है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के निर्माण से महाशक्तिपीठ कालीमठ, रुछ महादेव जैसे धार्मिक स्थलों तक भक्त आसानी से पहुंचेगें। कुन्जेठी के पूर्व प्रधान दिलबर रावत ने बताया कि केदारनाथ के लिए वन-वे मॉडल अपनाया जाना चाहिए जिसमें यात्री एक मार्ग से जाएं और दूसरे मार्ग से लौटें। उनका कहना है कि इससे पूरी घाटी के समग्र विकास का रास्ता खुल सकता है। संवाद