गुप्तकाशी। गुप्तकाशी के निकट नारायणकोटी में चल रहे पांडव नृत्य के साथ दिन में पांडव लीलाएं भी आयोजित की जा रही हैं। पांडव नृत्य में इस दौरान महाभारतकालीन पर आधारित बकासुर वध की लीला का मंचन किया गया। निर्देशक प्रदीप पुजारी बताते हैं कि महाभारतकाल में बकासुर नाम का आतताई राक्षस था उसकी प्रताड़ना से जनता त्रस्त थी। उसका अंत भीमसेन के हाथों होता है। गांव में चल रहे पांडव नृत्य के मध्य इस तरह के पौराणिक कथाओं से भरपूर लीला देखने बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। आयोजक समिति के अध्यक्ष दलबीर पुजारी बताते हैं कि अनुष्ठान में इन दिनों गांव के सभी प्रवासी के साथ ध्याणियां भी आई हैं। आयोजन में अभी चक्रव्यूह, हाथी कौथिग आदि विशेष दर्शनीय प्रस्तुतियां होनी हैं। संवाद