पर्यावरण, स्वास्थ्य और वन्यजीवों पर पड़ रहा असर, बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई चिंता
अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत धान्यू के जंगलों में बीती रात लगी आग के बाद पूरे क्षेत्र में धुएं और धुंध का असर है। जंगलों से उठ रहे धुएं से वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं से पहाड़ों में गर्मी बढ़ती जा रही है और वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आग की चपेट में आने से वन क्षेत्र के पेड़-पौधे और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हुए हैं। स्थानीय निवासी नीरज मलासी ने कहा कि हर वर्ष गर्मियों में जंगलों में आग की घटनाएं होती है। पर पिरूल निस्तारण का कार्य नहीं होता है। मंयक मंमगाई ने बताया कि जंगलों में आग लगने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। वन क्षेत्राधिकारी एचएस. रावत ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि अराजक तत्व जंगलों में आगजनी कर रहे हैं जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। बढ़ते प्रदूषण पर जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. महेश जोशी ने बताया कि जंगलों की आग से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।