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अगस्त्यमुनि। अगस्त्य रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में श्रीराम ने शबरी के जूठे बेर खाए। इसके बाद राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और सुग्रीव राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि शबरी का चरित्र निष्कपट प्रेम और सच्ची भक्ति का प्रतीक है। जटायु का त्याग कर्तव्यनिष्ठा तथा बाली प्रसंग न्याय और धर्म की रक्षा का संदेश देता है। उन्होंने रामायण के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। इस मौके पर समिति प्रबंधक सुशील गोस्वामी, विनीता रौतेला, सुशीला सकलानी, महेंद्र सिंह, रजत थपलियाल, अखिलेश गोस्वामी और जितेंद्र रावत सहित अनेक रामभक्त मौजूद रहे। संवाद