गुप्तकाशी। विश्वनाथ मंदिर मार्ग पर कालीकमली की खंडहर हो चुकी धर्मशाला खतरे का सबब बनी है। क्षतिग्रस्त हो चुके भवन से लकड़ी व पत्थर छिटक रहे हैं। बावजूद सुध लेने वाला कोई नहीं है।
केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी में भगवान विश्वनाथ का मंदिर स्थित है। जहां दर्शनों के लिए वर्षभर श्रद्धालु पहुंचते हैं लेकिन धर्मशाला खंडहर होने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुरानी धर्मशाला के भवन की कुछ दीवारें ही अब अवशेष के रूप में खड़ी हैं। ग्रामीण सुरेंद्र दत्त नौटियाल, पूर्व ग्राम प्रधान मदन अग्रवाल, व्यापार संघ अध्यक्ष मदन सिंह रावत आदि का कहना है कि प्रशासन व मंदिर समिति को कई बार स्थिति के बारे में अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। उन्होंने आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खंडहर हो चुके भवन को ध्वस्त करने की मांग की है। संवाद