रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग में मानव वन्य जीव संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है जिसमें विशेष कर भालू के हमले की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। वनविभाग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार जुलाई से अब तक 128 गांवों में भालू दिख चुका है और हमला कर चुका है। इस संबंध में वन प्रभागीय अधिकारी की ओर से वनकर्मियों के साथ आपात बैठक बुलाई गई। कहा गया कि संवेदनशील स्थिति को देखते हुए फील्ड स्टाफ की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। वहीं लोगों को जागरूक करने के लिए घर-घर संपर्क अभियान के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद से सतत जागरूकता प्रसार का निर्णय लिया गया। वहीं अत्यधिक संवेदनशील गांव में फॉक्स लाइट्स के उपयोग व अतिरिक्त कार्य बल और उपकरणों की भी व्यवस्थाएं की बात कही गई। बैठक में जैविक कचरा खुले में फेंकने वाले रिजॉर्ट्स और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि खुले में कचरा वन्यजीवों को आकर्षित करता है। कहा कि जागरूकता लाने के लिए स्थानीय निकायों, जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग व सामुदायिक सहभागिता जरूरी है।